
राय रेलवे स्टेशन में कुड़मी समाज का रेल टेका डहर छेका आंदोलन आज।।
संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी
खलारी। कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में पुनः शामिल करने की मांग को लेकर आज से राय रेलवे स्टेशन मे ऐतिहासिक रेल टेका-डहर छेका आंदोलन की शुरूआत की जाएगी।यह आंदोलन राय रेलवे स्टेशन पिपरवार से प्रारंभ होगा और अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।कुड़मी समाज केन्द्रीय कमेटी ने इस अवसर पर 25 सूत्री गाइडलाइन जारी किया है,जिसमें अनुशासन, अहिंसा और सांस्कृतिक गरिमा को सर्वोपरि रखा गया है।गाइडलाइन में स्पष्ट कहा गया है कि रेलवे अथवा सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुँचाई जाएगी।धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में होगा।पुलिस कार्रवाई की स्थिति में पलटवार नहीं किया जाएगा।हथियारों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।तीर-धनुष केवल सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में होंगे।महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।धरना स्थलों पर झुमर नृत्य और लोकगीतों के माध्यम से सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत किया जाएगा।कुड़मी समाज का मानना है कि ब्रिटिश काल में उन्हें आदिवासी के रूप में मान्यता प्राप्त थी,किन्तु 1950 में एसटी सूची से उनका नाम त्रुटिवश हटा दिया गया।आज समुदाय संविधान सम्मत अपने अधिकार और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा हेतु यह आंदोलन कर रहा है।आंदोलन झारखंड के राय, बरकाकाना,मुरी,चंद्रपुरा, पारसनाथ सहित लगभग 100 रेलवे स्टेशनों पर केंद्रित होगा।प्रदेश उपाध्यक्ष विकास कुमार महतो ने कहा कि यह आंदोलन हमारा संवैधानिक हक पाने की लड़ाई है।हम जनजीवन को न्यूनतम असुविधा पहुँचाते हुए।पूरी शांति और अनुशासन के साथ संघर्ष करेंगे।कुड़मी समाज ने सभी सदस्यों,समर्थकों और आम जनता से अपील की है कि अफवाहों से बचें,मीडिया से अनावश्यक विवादों से दूर रहें और स्टेशन परिसर की स्वच्छता बनाए रखें।यह आंदोलन न केवल कुड़मी समाज की एकता, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक संघर्ष को रेखांकित करता है,बल्कि संविधानिक सुधार और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।





